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लालची सब्जीवाला | Lalchi Sabjiwala | Hindi Kahaniya for Kids | Moral Stories

Saturday, May 25, 2019
गोरखपुर नमक गाव में एक भीमा नाम का एक बहुत ही जाना मन सब्जीवाल रहता था!वह हमेशा हरी-भरी और ताज़ा सब्जियां लाता और लोगों को बेचता! भीमा इमानदार व्यक्ति था वह कभी किसी से एक रुपया भी ज्यादा न लेता! पुरे गाँव मै सब्जी की केवल एक ही दुकान थी तो भीमा की दुकान पर दूर-दूर से लोग हरी भरी ताज़ा सब्जियां लेने आते थे  !

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Lalchi Sabjiwala | Hindi Kahaniya for Kids

वह प्रति दिन हरी भरी सब्जियां लाता जिसमे बैंगन, भिंडी, लोकी और कुछ फल भी शामिल थे! भिमा जितनी भी सब्जी लाता सारी शाम तक बिक जाती! सुबह-शाम सब्जी लेने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती भीमा और उसकी पत्नी सुषमा यह देखकर बहुत खुश थे क्योंकि यह भीमा की मेहनत और ईमानदारी का नतीजा था उसके पास भगवान का दिया सब कुछ था दिन प्रतिदिन सब्जियां बेचकर अब भीमा के पास धन की कोई कमी नहीं थी!

 परंतु धीरे धीरे और धन पाने की इच्छा भीमा सब्जी वाले की होने लगी, यह सोचकर भिमा ने मन में एक उपाय सोचा-"इतनी मेहनत करता हूं फिर भी तन कम मिलता है क्यों ना कम लागत में ज्यादा कमाया जाए"

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अब भीमा के मन में पैसों का लालच आने लगा वह लालच की ओर बढ़ने लगा ! अब वह पहले की तरह ईमानदार नहीं रहा उसने हरी और ताजा सब्जियों के साथ कुछ खराब और सड़ी हुई सब्जियां शामिल कर दी ,अब भीमा के पास सब्जियों का भंडार ज्यादा हो गया और वह पहले से अधिक सब्जियां बेचने लगा! अब भीमा के पास धन पहले से कई गुना ज्यादा आने लगा! जैसा कि भीमा ईमानदार था तो लोग सब्जियों को ज्यादा ध्यान से नहीं देखते और खरीद लेते परंतु यह उसकी पत्नी को पसंद नहीं आया !
और वह बोली-"यह तुम ठीक नहीं कर रहे  हो लालच में आकर ग्राहकों को ठग रहे हो किसी दिन पकड़े गए तो सब कुछ चला जाएगा"


Lalchi Sabjiwala | Hindi Moral Stories

परंतु भीमा अपनी पत्नी की एक ना सुनता और वह अपना काम करने लग जाता! एक दिन श्यामलाल नाम का एक व्यक्ति भीमा की दुकान पर सब्जी लेने आया और 1 किलो बैंगन लेकर चला गया !जब श्याम लाल ने सब्जी का ठेला खोला तो उसमें सभी बैंगन सड़े हुए निकले! श्यामलाल क्या करता है अगली बार उसने भिमा की दुकान से सब्जी खरीदना बंद कर दिया दिन बीतते गए और धीरे-धीरे  बीमा की सब्जियों की बुराइयां पूरे गांव में होने लगी अब उसके पास ग्राहक पहले जितने नहीं आते थे अब जो सब्जियां ताजी और हरी थी वह भी पड़ी पड़ी खराब होने लगी!निरंतर भीमा को अब नुकसान होने लगा उसकी दुकान अब बंद होने की कगार पर थी तब उसे अहसास हुआ - "काश में अगर धन का लालच नहीं करता तो मेरी दुकान आज अच्छी चल रही होती!"

तो बच्चों हमें इस कहानी से यह शिक्षा मिली की हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए और जितना हमारे पास है उसी में खुश रहना चाहिए 

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लालची सब्जीवाला | Lalchi Sabjiwala | Hindi Kahaniya for Kids




✿ Story - Lalchi Sabjiwala Hindi Kahani 
✿ Animator - Tabby TV Animation Team

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