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रामू किसान और दुकानदार | Kisaan Ki Kahani | Hindi Stories for Kids | Moral Stories

Saturday, May 25, 2019
एक समय की बात है रामू नाम का एक गरीब  किसान था वह चावल की खेती करता और चावल पक जाने पर वह बाजार में उन्हें बेच देता और अपना गुजारा करता! रामू के साथ उसे घर में उसकी पत्नी निरमा और उसका इकलौता बेटा रिंकू रहता था कुछ महीने पहले रामू ने चावल की फसल बोई जो अब पूरी तरह से पक चुकी थी   तो रामू किसान  ने सोचा- इस बार चावल की फसल  बची हुई एक काम करता हूं कुछ बोरी घर पर रखता हूं और बाकी बाजार में बेच देता हूं यह सोचकर रामू किसान अपनी पत्नी के पास गया और सारी बात बताई-निरमा में अभी के लिए चावल की एक बोरी बाजार में बेचने जा रहा हूं ! ठीक है 
तो पत्नी निरमा  ने कहा-  ठीक है  बेच आओ!

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Kisaan Ki Kahani | Hindi Stories for Kids 

अब उसी गांव के बाजार में दौलतराम नाम का एक दुकानदार था जो कि गेहूं,चावल,चीनी,आदि का व्यापार करता था !रामू किसान दौलत राम की दुकान पर गया और उसने एक बोरी चावल के बदले चीनी खरीद ली !
रामू किसान पहली बार दौलत राम की दुकान पर गया था तो उस समय तो दुकानदार  ने, बिना  तोले ही  चावल के बदले चीनी  दे दी और दौलत राम बोला- सुन  रामू, अगली बार चावल का वजन करके लाना यह चीनी की बोरी 50 किलो की है इसलिए इसके बदले तुम 50 किलो चावल लाना!
 रामू ने कहा- ठीक है  सेठ जी और किसान अपने घर चला गया!

 कुछ दिन बाद उसने वापस चावल बेचने का सोचा, परंतु इस बार उसने दुकानदार से खरीदी चीनी के बराबर चावल तोल दिए और किसान  चावल बेचने चला गया! रामू ने दौलत राम को चावल की बोरी दी और वहीं खड़ा रहा! तभी दौलतराम ने सोचा- क्यों ना मै चावल की बोरी को तोल कर देख लू !
जब दुकानदार ने चावल की बोरी को तोला तो वह हैरान रह गया चावल की बोरी सिर्फ 45 किलो की थी उसने सोचा यानी हर बार यह किसान 5 किलो चावल कम देता है!

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रामू किसान और दुकानदार | Hindi Stories for Kids

 दुकानदार को रामू पर बहुत गुस्सा आया और  वह रामू से बोला-  बेईमान, धोखेबाज, तुमने मेरे साथ धोखा किया, मै तुम जैसे  झूठे और मक्कार इंसान के साथ यह सौदा नहीं कर सकता जो चावल तुम मुझे देते हो वह हर बार 5 किलो कम देते हो! बेईमान कहीं के!
किसान ने बड़ी विनम्रता से कहा- गुस्सा मत करो भाई! हम गरीब जरूर है परंतु धोखेबाज और बेईमान नहीं! हमारे पास इतने पैसे नहीं है कि हम तोलने के लिए तराजू खरीदें इसलिए 50 किलो चीनी की बोरी के  बराबर चावल  तोल देते थे !जो चीनी की बोरी हम तुम से खरीद कर ले जाते थे !

 तो बच्चों बताओ इसमें बेईमान और धोखेबाज  कौन है कुछ समझे आप! इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें  कभी भी बेईमानी नहीं करनी चाहिए इमानदार व्यक्ति बने !
 धन्यवाद!

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रामू किसान और दुकानदार | Kisaan Ki Kahani | Hindi Stories for Kids | Moral Stories In Hindi




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