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पिता के लालची बेटे | Lalchi Sons | Hindi Kahaniya for Kids

Saturday, May 25, 2019
एक गांव में तुलाराम नाम का एक व्यक्ति रहता था उसके दो बेटे थे श्याम और गोपाल तुलाराम अपने दोनों बेटों से
बहुत प्यार करता था वह अपने दोनों बेटों की खुशी में अपनी खुशी ढूंढता! परंतु तुलाराम अपने बेटों- श्याम और
गोपाल के उज्जवल भविष्य की चिंता हर समय होती कि वह दोनों आगे चलकर क्या करेंगे ?

पिता के लालची बेटे | Lalchi Sons | Hindi Kahaniya for Kids

पिता तुलाराम के पास गांव के निकट एक छोटा सा खेत था जहां वह खेती करता और अपना घर चलाता!श्याम और
गोपाल छोटे थे तभी उनकी मां की मृत्यु हो गई उसके बाद उनका पालन-पोषण के पिता तुलाराम द्वारा ही किया गया!
तुलाराम हमेशा चाहता कि उसके बेटे सही तरीके से जीवन जीना सीखें कुछ काम करें, और पैसे कमाए!परंतु श्याम
और गोपाल कोई काम करने से कोसों दूर थे वे आलसी तो थे ही साथ ही अपने पिता की बात भी नहीं मानते! पिता
इससे बहुत दुखी था!एक समय ऐसा आया कि अब तुलाराम कार्य करने में सक्षम नहीं था! घर चलाने के लिए उसके
पास पैसे नहीं थे! उसके दिनबहुत गरीबी में चल रहे थे!

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तो तुलाराम ने अपने दोनों बेटों से कहा- सुनो श्याम और गोपाल मेरे पास आओ!देखो अब मै कामनहीं कर सकता,
अब मेरी उम्र भी होने आई, तुम दोनों अब कुछ काम करना शुरू करो!
ऐसे बोलने पर तुरंत दोनों आलसी और कामचोर बेटों को गुस्सा आ गया और बोले- आप काम नहीं कर सकते
तो हम भी नहीं कर सकते! श्याम और गोपाल के ऐसे व्यवहार से पिता अब  क्या करता है वह शांति ही रहा और
कुछ दिन बाद तुलाराम ने निश्चय किया कि वह अपना खेत बेच देगा और थोड़े पैसों से अपना जीवन व्यतीत करेगा!



अब पिता तुलाराम ने गांव के जमींदार को अपना खेत बेच दिया उस समय गांव में चोरियां बहुत हो रही थी तो
तुलाराम ने सारा धन अपने घर के नीचे गाड़ दिया !खेत बिकने की बात सुन दोनों बेटों के मन में खोट आ गयी और
दोनों सोचने लगे कि क्यों ना सारा धन लेकर शहर भाग जाए और आराम से जिए! यह सोचकर दोनों बेटे श्याम
और गोपाल पिता के पास गएऔर बोले- पिताजी आप ने खेत भेज दिया पर पैसा तो आप लाए ही नहीं!
पिता ने उत्तर दिया- अरे सारे पैसे मेरे पास ही है तुम दोनों चिंता मत करो!

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श्याम और गोपाल के मन में लालच था! रात हुई तो बड़ा बेटा श्याम उठा और सोते हुए पिता के सामान की
तलाशी लेने लगा! तभी छोटा बेटा गोपाल भी वहां आ गया और पैसा ढूंढने लगा ! दोनों एक दूसरे को देख कर घबरा
गये तब फुसफुसाते हुए दोनों ने तय किया कि हम दोनों पैसे को  ढूंढेंगे और पैसा मिल गया तो हम दोनों आपस
में बराबर बांट कर यहां से शहर भाग जाएंगे!उन दोनों को  पता नहीं चला कि उनके पिता तुलाराम की नींद खुल
गई थी और उन्होंने सारी बात सुन ली हे !

पिता अब सोचने लगा -पत्नी की मौत के बाद इन दोनों को इतने प्यार से पाला और आज वही  मुझे धोखा दे रहे हैं!
अगले दिन तुलाराम ने अपने घर के नीचे गड़ा हुआ धन निकाला और आश्रम में दान कर दिया और गाव से हमेशा
के लिए कहीं चले गए!अब दोनों बेटों की आंखें खुली और पिता की याद आने लगी क्योंकि अब ना उनके पास पिता था
और ना ही पैसा!
तो देखा आपने लालच की वजह से दोनों के हाथ से पैसा भी गया और पिता का प्यार इसलिए बच्चों हमें कभी
लालच नहीकरना चाहिए और सदेव अपने माता पिता की बात सुननी चाहिए!

पिता के लालची बेटे | Lalchi Sons | Hindi Kahaniya for Kids




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