लालची कसाई और तेलवाला | Hindi Stories for Kids | Hindi Moral Stories - Truehindi.Com » Hindi Shayari हिंदी शायरी,Birthday Wishes,Romantic Quotes,Motivational Quotes.

Mobile Menu

Top Ads

Latest

logoblog

लालची कसाई और तेलवाला | Hindi Stories for Kids | Hindi Moral Stories

Friday, June 7, 2019
बहुत समय पहले की बात है शक्तिपुर नामक गाव में विक्रम नाम का एक तेल वाला रहता था प्रतिदिन वह गाव में गुम-गुम कर बड़े-बड़े व्यापारियों और दुकानदारो को तेल बेचता था और अपना घर चलाता! उसका कारोबार अच्छा चल रहा था!

Hindi moral story for kids lalchi kasai or telwala 

1 दिन की बात है विक्रम तेली बाजार से होते हुए जा रहा था! तभी उसे लछुराम कसाई ने आवाज दी! और दुकान के अंदर बुलाया
लच्छू- हे तेल वाले, इधर आओ मुझे थोड़ा तेल दो!
विक्रम तेल लेकर उसके पास गया और बोला- जी जनाब, कितना तेल चाहिए?
लच्छु -एक काम करो मुझे 1 लीटर तेल दे दो!
विक्रम ने उसे तेल  दे दिया! और बोला यह लीजिये जनाब पाच रुपए हुए!
लच्छु -बाप रे 5 रुपये !तुम तो मुझे ही ठग रहे हो!

विक्रम- नहीं जनाब आप किसी से भी पूछ लो!
लच्छू- हां हां  ठीक है ठीक है  यह लो पैसे यह 10 का सिक्का है तुम मुझे छुट्टे दे दो!
विक्रम ने अपनी पोटली से पैसे निकाले और उसे दे दिए !
लच्छु की पोटली में इतने सारे पैसे  देख कर कसाई के मन में लालच आ गया!

उसने तेली से कहा- आ.. तुम थक गए होगे आओ हाथ मुंह धो कर थोड़ी चाय पी लेते हैं!
विक्रम दुकान के अंदर हाथ मुंह धोने चला गया! और पैसों की पोटली और तेल दुकान पर रख दिया!
अब कसाई ने पैसे लेने की कोशिश की तभी तेली ने उसे देख लिया- अरे यह क्या कर रहे हो! यह मेरे पैसे हैं!
लच्छू-जूठे यह पैसे मेरे हैं तुम मुझ पर यह  झूठा इल्जाम लगा रहे हो!
विक्रम- तुम्हारी इतनी हिम्मत मैं तुम्हें यह नहीं करने दूंगा!
उसके बाद दोनों में झगड़ा हो गया,फिर किसी ने राय दी कि दोनों गांव के मुखिया के पास जाकर न्याय मांग ले!


अब विक्रम तेली और लच्छु कसाई गांव के मुखिया के पास गए !
गांव के मुखिया कुछ देर सोचने के बाद बोले- चलो एक काम करते हैं यह सारे सिक्के तुम मुझे दे दो!  लालची कसाई ने सिक्के मुखिया को दे दिए! अब मुखिया ने एक बर्तन में पानी लिया और उसमें सारे सिक्के डाल दिए!
कुछ देर में मुखिया बोला- लो हो गया न्याय! कौन झूठा है और कौन सच बोल रहा है पता चल गया! पानी के ऊपर  यह तेल की परत देख रहे हो! यह तेल सिर्फ तेली के हाथों से ही आया है! जब तेली थेले में से पैसे डालता और निकालता तो इसके हाथों में लगा तेल सिक्कों पर भी लग जाता! सिक्कों पर तेल लगने का और कोई कारण हो ही नहीं सकता! अथार्त यह सिक्के तेली के है! लो हो गया न्याय!
अब मुखिया ने कसाई को दोषी ठहराया और सजा के तौर पर 50 सिक्के तेली को देने को कहा!

तो बच्चों,आपको हमारी कहानी कैसी लगी हमें जरूर बताएं!

Watch This Story: लालची कसाई और तेलवाला | Hindi Stories for Kids | Hindi Moral Stories

2 comments
Hide comments

2 comments: